पूरे देश में सितम्बर महीने को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा

> 01 सितम्बर से 30 सितम्बर तक प्रदेश में आयोजित किए जा रहे पोषण माह - 2020 में समस्त गतिविधियों को भारत सरकार के दिशा - निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जाए : मुख्यमंत्री


> वर्ष 2020 के पोषण माह के दौरान अति तीव्र कुपोषित तथा तीव्र कुपोषित (सैम/मैम) बच्चों की पहचान व प्रबन्धन की कार्यवाही की जाएगी।



लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 01 सितम्बर से 30 सितम्बर, 2020 तक प्रदेश में आयोजित किए जा रहे 'पोषण माह - 2020' में समस्त गतिविधियों को भारत सरकार के दिशा - निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जाए। कोविड महामारी के दृष्टिगत भारत सरकार ने पोषण माह के दौरान डिजिटल मंचों का प्रयोग किए जाने पर बल दिया है। उन्होंने सेवा प्रदाताओं के उन्मुखीकरण के लिए प्रत्येक स्तर पर डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सम्बन्धित विभाग इसके लिए अपने स्तर से कार्यवाही करे। यह जानकारी सोमवार 31 अगस्त 2020 को देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2020 के पोषण माह के दौरान अति तीव्र कुपोषित तथा तीव्र कुपोषित (सैम / मैम) बच्चों की पहचान व प्रबन्धन की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, पोषण वाटिका की स्थापना, स्तनपान व ऊपरी आहार को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2018 से पूरे देश में माह सितम्बर राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। वर्ष 2020 पोषण माह को आयोजित करने का तृतीय वर्ष है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने रविवार 30 अगस्त, 2020 को 'मन की बात' कार्यक्रम में देश की जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि 'बच्चे एवं विद्यार्थी अपनी पूरी क्षमता दिखा पाएं, इसमें पोषण की बहुत बड़ी भूमिका होती है। पूरे देश में सितम्बर महीने को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। नेशन और न्यूट्रीशन का बहुत गहरा सम्बन्ध है। पोषण के इस आन्दोलन में जन भागीदारी बहुत जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में देश में काफी प्रयास किए गए हैं। खासकर हमारे गांव में इसे जन भागीदारी से जन - आन्दोलन बनाया जा रहा है। पोषण सप्ताह, पोषण माह के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा जागरुकता पैदा की जा रही है, स्कूलों को जोड़ा गया है। बच्चों की जागरुकता बढ़ाने के लिए प्रतियोगिताओं के आयोजन का प्रयास जारी है। जैसे क्लास में एक मॉनीटर होता है, उसी तरह न्यूट्रीशन मॉनीटर भी हो। रिपोर्ट कार्ड की तरह न्यूट्रीशन कार्ड भी बने। पोषण माह को सफल बनाने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि आईसीडीएस विभाग द्वारा सैम / मैम बच्चों की पहचान एवं चिन्हीकरण किया जाएगा। चिन्हित सैम / मैम बच्चों की समुदाय स्तर पर देखभाल के लिए, पोषण पंचायत की बैठकों के माध्यम से समाधान निस्तारित कर पात्र परिवार तक सेवाएं पहुंचायी जाएंगी। गर्भवती महिलाओं तथा 0 - 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों का गृह भ्रमण किया जाएगा। स्तनपान एवं ऊपरी आहार पर परामर्श प्रदान किया जाएगा। अनुपूरक पोषाहार वितरित किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग के साथ मिलकर पौधा रोपण व पोषण वाटिका स्थापित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सन्दर्भित अति कुपोषित सैम / मैम बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य जांच व आवश्यक उपचार के साथ - साथ चिकित्सा इकाइयों में स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए जागरुक किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा खाली जमीन पर पोषण वाटिका स्थापित करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री को सहयोग किया जाएगा। श्रमिक महिलाओं के बच्चों को पोषण अभियान के अन्तर्गत आच्छादित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार परिवारजनों को मनरेगा के अन्तर्गत आच्छादित किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग प्रत्येक सप्ताह पोषण पंचायत का आयोजन करेगा तथा ग्राम पंचायत के अन्तर्गत कुपोषण की स्थिति के अनुसार आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगा। प्रवक्ता ने कहा कि पोषण माह के दौरान संचालित गतिविधियों की रिपोर्टिंग भारत सरकार के जन - आन्दोलन डैश बोर्ड पर की जाएगी। इस माह का मुख्य उद्देश्य पोषण सम्बन्धी व्यवहारों की व्यापक जागरुकता जन - जन तक पहुंचाते हुए सभी की भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे सभी को पोषण के सम्बन्ध में समुचित जानकारी प्राप्त हो सके। इस माह के दौरान वृहद स्तर पर पोषण गतिविधियां स्वास्थ्य, आईसीडीएस, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, उद्यान, श्रम, शिक्षा, कृषि, आयुष, अल्पसंख्यक कल्याण आदि विभागों के सहयोग से आयोजित की जाती हैं।