ऋषिकुल योगपीठ एवं आईएनओ द्वारा ऑनलाइन योगासन स्पोर्ट्स प्रतियोगिता एवं प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित


कानपुर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन एवं आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित विश्व योग दिवस 21 जून 2020 को सफल बनाने वाले जिला समन्वयक एवं ब्लॉक कन्वीनर कानपुर नगर का सम्मान समारोह और ऋषिकुल योगपीठ द्वारा आयोजित कानपुर मंडल ऑनलाइन योगासन प्रतियोगिता, योग शिक्षक तथा योग कोच पुरुस्कार वितरण समारोह मैनावती मार्ग स्थित नारायन हेरिटेज पार्टी लॉन में रविवार 27 सितम्बर को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगकी राज्य मंत्री नीलिमा कटियार, विशिष्ट अतिथि आईआईटी जोधपुर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर प्रो प्रवाल सिन्हा एवं अतिथि आईआईटी कानपुर के पूर्व डीन विद्यार्थी संकाय कार्य दिनेश दुबे (संरक्षक - ऋषिकुल योगपीठ, उ प्र सरकार कार्यकारणी सदस्य) उपस्थित रहे। कार्यक्रम दीप प्रज्वलन के साथ शुरु किया गया तथा सभी अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह एवं माला पहनाकर किया गया। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री नीलिमा कटियार ने इस अवसर पर कहा कि योग  मानव जीवन के लिए वरदान स्वरूप है, विश्व योग दिवस इसका प्रमाण है जिसपर देश को गर्व है। विशिष्ट अतिथि प्रो प्रवाल सिन्हा ने बताया कि आज की समस्या कोविड-19 का निदान योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद में ही है और ये हिंदुस्तान का बहुत बड़ा सौभाग्य है कि हमारे पास इतने बड़ी संख्या में योग शिक्षक हैं जिनका मार्गदर्शन हमें प्राप्त करना चाहिए। आईआईटी कानपुर के योग विशेषज्ञ डॉ एस एल यादव ने आगे की गतिविधियों जिसमें गाँधी जयंती के 150 वर्ष के उपलक्ष्य में 2 अक्टूबर से 18 नवम्बर राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस 2020 तक विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि नीलिमा कटियार ने योग समन्वयक कानपुर नगर डॉ एस एल यादव, डॉ विपिन कुमार पथिक, डॉ उर्मिला यादव, मिथलेश सिसौदिया, अंजू बाला भसीन एवं ब्लॉक कन्वीनर योगाचार्या किरन द्विवेदी, प्रो डॉ सुरजीत कुमार सिंह, मालिनी सिन्हा और डॉ डी एन शुक्ला को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह दे कर सम्मानित किया। 5 जिला योग सम्यवयक, 120 ब्लाक कन्वीनर, 20 योगासन प्रतियोगिता विजेता एवं विभिन्न स्कूलों के योग तथा खेल शिक्षकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर एडवोकेट रवीन्द्र द्विवेदी, एडवोकेट पारसनाथ शर्मा, एडवोकेट पूनम भसीन भी उपस्थित थीं।