सड़कों के निर्माण में सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये ही जाने चाहिए : केशव प्रसाद मौर्य

> प्रस्तावित परियोजनाओं के चैड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के आगणनों में सड़क सुरक्षा के प्राविधानों को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए : उप मुख्यमंत्री



लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये मार्गों के निर्माण में सड़क सुरक्षा के इंतजाम और अधिक अच्छे किये जाएं। उन्होंने कहा, हलांकि विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण में सड़क सुरक्षा के अपेक्षित उपायों को पूर्ण करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है, फिर भी विभागीय अधिकारियों को और अधिक सजग और सतर्क होकर इस दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि मार्गों के निर्माण में डीपीआर गठन से लेकर मार्गों के निर्माण के बाद भी सड़क सुरक्षा के अपेक्षित उपायों को पूर्ण किया जाना नितान्त आवश्यक है, इसलिये सड़कों के निर्माण में सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये ही जाने चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि रोड साईनेज, रोड मार्किंग, स्कूल व हास्पिटलों के निकट स्पीड टेबल, उंचे तटबन्ध वाले भागों में क्रैश बैरियर के निर्माण तथा चैराहों एवं तिराहों पर गति नियंत्रण हेतु रम्बल स्ट्रिप बनाये जाने के कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पाटों पर रम्बल स्ट्रिप, पैदल यात्रियों हेतु जेब्रा क्रासिंग एवं सूचना बोर्ड लगाने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उप मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये हैं कि सड़क सुरक्षा के सिद्धान्तों तथा रोड सेफ्टी आडिट के लिये विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षित करने में भी विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं के चैड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के आगणनों में सड़क सुरक्षा के प्राविधानों को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए तथा सड़क सुरक्षा सम्बन्धी प्राविधानों के बारे में लगातार अनुश्रवण किया जाए। उ प्र शासन द्वारा जनपद गोण्डा, बदायूं व मैनपूरी में मार्ग सुरक्षा के अन्तर्गत दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में चिन्हित ब्लैक स्पाॅट के सुधार, सौन्दर्यीकरण तथा विभिन्न सुरक्षा सम्बन्धी कार्यों के चालू कार्य के मद में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष 01 करोड़ 44 लाख 79 हजार रुपए की धनराशि अवमुक्त की गयी है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ प्र शासन लोक निर्माण अनुभाग-11 द्वारा बुधवार 30 सितम्बर 2020 को जारी किया गया है।


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