मुख्यमंत्री ने केस मैपिंग के सम्बन्ध में आरटीपीसीआर केन्द्रित फोकस टेस्टिंग किये जाने के निर्देश दिए

अधिक संक्रमण दर वाले जनपदों पर विशेष ध्यान देते हुए केस मैपिंग की जाए


> चिकित्सालयों में न्यूनतम 48 घण्टे का आक्सीजन बैकअप प्रत्येक दशा में उपलब्ध रहे : मुख्यमंत्री



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 25 नवंबर 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए।


दैनिक कानपुर उजाला


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में प्रतिदिन 01 लाख 78 हजार से अधिक कोविड-19 की टेस्टिंग क्षमता अर्जित किये जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए टेस्टिंग कार्य को पूरी सक्रियता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने में टेस्टिंग कार्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री योगी बुधवार 25 नवंबर को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कोविड-19 के दृष्टिगत पूरी सतर्कता और सावधानी बरतने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के बारे में लोगों को निरन्तर जागरुक किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम पूरी सक्रियता से संचालित हो। उन्होंने कहा कि मास्क के अनिवार्य उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर पूरा ध्यान दिया जाए। भीड़ एकत्र न हो, इसके प्रति लोगों को जागरुक किया जाए। उन्होंने मास्क लगाने के सम्बन्ध में प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक संक्रमण दर वाले जनपदों पर विशेष ध्यान देते हुए केस मैपिंग की जाए। इसके परिणाम के आधार पर रणनीति बनाते हुए कोविड-19 के नियंत्रण की प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में आरटीपीसीआर केन्द्रित फोकस टेस्टिंग किये जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ तथा गाजियाबाद में कोविड-19 की रिकवरी दर को बेहतर करने के लिए चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। उन्होंने काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर को सक्रिय बनाये रखने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कोविड चिकित्सालयों में औषधियों एवं मेडिकल उपकरणों की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आक्सीजन की उपलब्धता के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सालयों में न्यूनतम 48 घण्टे का आक्सीजन बैकअप प्रत्येक दशा में उपलब्ध रहे। उन्होंने अतिरिक्त आईसीयू बेड्स की जरूरत का आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार आईसीयू बेड्स बढ़ाने की कार्यवाही के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा कर्मियों तथा सुरक्षा बल के कार्मिकों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रबन्ध किये जाएं। यह सुनिश्चित कराया जाए कि पुलिस कार्मिक मास्क तथा ग्लव्स का प्रयोग अवश्यक करें। उन्होंने कोविड-19 के दृष्टिगत पैरामेडिक्स की ट्रेनिंग कराये जाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पाद आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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