उत्तर प्रदेश महामारी अधिनियम - 2020 के प्रावधान के प्रभावी रहने की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च, 2021 तक किया लागू

कोविड हेल्प डेस्क के माध्यम से प्रदेश में 10 लाख से अधिक व्यक्तियों में लक्षणात्मक चिन्हांकन किया गया : अमित मोहन प्रसाद


बचाव से ही कोविड-19 की सेकेन्ड वेव से बच सकते हैं


> कार्यशील पूंजी की समस्या से निजात दिलाने के लिए आत्मनिर्भर पैकेज में 4.37 लाख एमएसएमई इकाईयों को 11,061 करोड़ रुपए के ऋण वितरित किये जा रहे : नवनीत सहगल


> प्रदेश में 6.48 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को 19,472 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया : नवनीत सहगल


> छोटे और लघु उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किये जा रहे : नवनीत सहगल


> अब तक पिछले वर्ष से डेढ़ गुना अधिक धान की खरीद की गयी : नवनीत सहगल


> पिछले तीन सालों में गन्ना किसानों को 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है : नवनीत सहगल


> प्रदेश में अब तक कुल 5,06,938 लोग कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज : अमित मोहन प्रसाद


> ई-संजीवनी के माध्यम से कल एक दिन में 2203 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया : अमित मोहन प्रसाद



उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद व अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल 28 नवंबर 2020 को लोकभवन में प्रेस वार्ता करते हुए।


दैनिक कानपुर उजाला


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने 28 नवंबर को लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि कोविड-19 से बचाव हेतु सतर्कता बरतने की बहुत ही आवश्यकता है। शादी समारोह अथवा सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें, हाथ धोते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग रखें तथा भीड़भाड़ से दूरी बनाये रखें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगातार कोरोना टेस्टिंग बढ़ाते हुए रिकार्ड टेस्टिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर पुनः बढ़ने से प्रदेश के दिल्ली से सटे हुए जनपदों में भी संक्रमण के बढ़ने की आशंका है जिसके लिए पूरी तैयारी एवं सावधानी बरती जाए। प्रदेश के हॉटस्पॉट एरिया में कुछ केस की बढ़ोत्तरी हुई है तथा कन्टेनमेंट जोन में शत - प्रतिशत घरों में सर्विलांस का काम चल रहा है। नवनीत सहगल ने बताया कि आर्थिक गतिविधियां और अधिक तेजी से बढ़ें, इसके लिए प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए तथा आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ाने के लिए सरकार के प्रोत्साहन से नई एमएसएमई इकाइयां खुल रही है। पुरानी इकाइयों को कार्यशील पूंजी की समस्या से निजात दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय करके आत्मनिर्भर पैकेज में 4.37 लाख इकाईयों को 11,061 करोड़ रुपए के ऋण बैंकों से समन्वय स्थापित कर स्वीकृत कर वितरित किये जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने के लिए 6.48 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को 19,472 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है। उन्होंने बताया कि नई एमएसएमई इकाईयों से लगभग 26 लाख लोगों को रोजगार मिला है। रोजगार के और अधिक अवसर पैदा हों विशेषकर छोटे और लघु उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित कर लोगों को नौकरी उपलब्ध करायी जा रही है। नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर निरन्तर धान खरीद की समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गए हैं कि किसानों के धान की खरीद समय से हो तथा उन्हें धान व मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य अवश्य मिले। धान और मक्का की खरीद का भुगतान 72 घंटे के अन्दर सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि जिलाधिकारी की यह जिम्मेदारी है कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो तथा क्रय केन्द्र सुचारू रूप से कार्य करें। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की अधिकारियों अथवा कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। धान क्रय केन्द्रों पर शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी। धान क्रय केन्द्रों पर जिलाधिकारी निरन्तर अनुश्रवण तथा आकस्मिक निरीक्षण करें। उन्होंने बताया कि धान खरीद में लापरवाही बरतने पर पीसीएफ के अधिकारियों को निलम्बित किया गया। किसानों से निरन्तर धान की खरीद की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक पिछले वर्ष से डेढ़ गुना अधिक धान की खरीद की गयी है। लगभग 4000 करोड़ रुपए का धान किसानों से क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक किसानों से 2 लाख 41 हजार कु0 मक्का की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में गन्ना किसानों को 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति बढ़ाई गई है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,74,904 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 1,89,94,692 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 2170 नये मामले आये हैं। प्रदेश में 25,243 कोरोना के एक्टिव मामले हैं। होम आइसोलेशन में 12,293 लोग हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 3,09,401 लोग होम आइसोलेशन की सुविधा प्राप्त करते हुए 2,97,108 लोगों ने अपने होम आइसोलेशन की अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सालयों में 2253 लोग ईलाज करा रहे हैं, इसके अतिरिक्त बाकी मरीज एल-1, एल-2 तथा एल-3 के सरकारी अस्पतालों में अपना ईलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 2527 लोग कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब तक कुल 5,06,938 लोग कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 1,65,290 क्षेत्रों में 4,68,617 टीम दिवस के माध्यम से 2,95,56,783 घरों के 14,44,82,025 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय उपचार के लिए ई-संजीवनी पोर्टल शुरू किया गया है। ई-संजीवनी के माध्यम से कल एक दिन में 2203 लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया। अब तक कुल 2,33,945 लोगों ने ई-संजीवनी पोर्टल पर चिकित्सकीय परामर्श लिया। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थान, प्रमुख कार्यालय, प्रतिष्ठान, औद्योगिक इकाईयों में 65,463 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किये गये। इसके माध्यम से 10,12,260 व्यक्तियों में लक्षणात्मक चिन्हांकन किया गया। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की मेडिकल टेस्टिंग के कार्य को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिये हैं। जिसमें से 40 प्रतिशत टेस्ट आरटी पीसीआर के माध्यम से तथा शेष 60 प्रतिशत टेस्ट रेपिड एन्टीजन के माध्यम से किये जा रहे हैं। श्री प्रसाद ने बताया कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को देखते हुए उत्तर प्रदेश महामारी अधिनियम - 2020 के प्रावधान के प्रभावी रहने की अवधि को बढ़ाकर हुए 31 मार्च, 2021 तक कर दिया गया है। इस सम्बंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। श्री प्रसाद ने बताया कि सभी जनपदों को निर्देश दिये गये हैं कि मैपिंग के आधार पर जिस इलाके में ज्यादा संक्रमण के केस मिल रहे हैं वहीं पर सर्विलांस तथा फोकस टेस्टिंग की गतिविधि को तेज किया जाए और उस इलाके से अधिक से अधिक सैम्पल लेकर उनकी जांच करवाई जाए, ऐसे इलाके के सैम्पलों की आरटी पीसीआर के माध्यम से जांच करवाया जाए ताकि संक्रमण को जितना जल्दी हो सके, संक्रमित व्यक्ति को खोजा जा सके और उनकी श्रृंखला को तोड़ा जा सके। बचाव से ही कोविड-19 की सेकेन्ड वेव से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं तथा बीमार व्यक्तियों को संक्रमण से दूर रखकर कोविड-19 की सेकेन्ड वेव से बचाया जा सकता है।