बॉण्ड जारी करने वाला उत्तर भारत का पहला नगर निगम बना लखनऊ नगर निगम

उत्तर प्रदेश सरकार ने उठाया म्युनिसिपल बाॅण्ड जारी करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम


प्रदेश की राजधानी लखनऊ, म्युनिसिपल बाॅण्ड की प्रक्रिया के साथ जुड़ी 


> मुख्यमंत्री ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, मुम्बई में बेल बजाकर लखनऊ म्युनिसिपल बॉण्ड की लिस्टिंग की परम्परागत शुरुआत की।


> 200 करोड़ रुपए का लखनऊ नगर निगम का बॉण्ड अब ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध।


> कानपुर नगर निगम के भी म्युनिसिपल बाॅण्ड जारी कराएगी उत्तर प्रदेश सरकार।


> लखनऊ म्युनिसिपल बाॅण्ड निवेशकों द्वारा 4.5 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया, इससे निवेशकों द्वारा उ प्र के प्रति विश्वास झलकता है।


> नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह बाॅण्ड मददगार : मुख्यमंत्री



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एमडी व सीईओ आशीष चौहान, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन, एसीएस नवनीत सहगल, समेत अन्य गणमान्य 2 दिसंबर, 2020 को लखनऊ नगर निगम बांड लिस्टिंग सेरेमनी में दीप प्रज्ज्वलन के बाद।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एमडी व सीईओ आशीष चौहान, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन, एसीएस नवनीत सहगल, एसीएस अवनीश कुमार अवस्थी समेत अन्य गणमान्य 2 दिसंबर, 2020 को लखनऊ नगर निगम बांड की लिस्टिंग को खोलने के लिए ओपनिंग बेल बजाते हुए।


दैनिक कानपुर उजाला


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बुधवार को मुम्बई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में बेल बजाकर लखनऊ म्युनिसिपल बॉण्ड की लिस्टिंग की परम्परागत शुरुआत की। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ नगर निगम बॉण्ड जारी करने वाला उत्तर भारत का पहला नगर निगम है। लखनऊ नगर निगम का बॉण्ड 200 करोड़ रुपये का है। अब यह बाॅण्ड ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध है। आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा म्युनिसिपल बाॅण्ड जारी करने की प्रक्रिया में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की 17 प्रतिशत आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उत्तर प्रदेश सरकार अपने नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे अधिक अर्बन बाॅडीज वाला प्रदेश है, जिनकी संख्या लगभग 700 है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1997 में नगर निकायों के बाॅण्ड जारी करने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई थी। उत्तर भारत में लखनऊ नगर निगम पहला नगर निगम है, जिसका म्युनिसिपल बाॅण्ड जारी किया गया है। इस प्रकार प्रदेश की राजधानी लखनऊ, म्युनिसिपल बाॅण्ड की प्रक्रिया के साथ जुड़ गयी है। निश्चित ही अन्य नगर निकाय भी इससे प्रेरणा प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने दो वर्ष पूर्व लखनऊ व गाजियाबाद नगर निगम के म्युनिसिपल बाॅण्ड जारी करने का आह्वान एक समारोह में किया था। आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार गाजियाबाद नगर निगम के बाॅण्ड को भी बाॅम्बे स्टाॅक एक्सजेंच में सूचीबद्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आगरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज नगर निगमों के भी म्युनिसिपल बाॅण्ड जारी करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गये निवेश के वातावरण और निवेश प्रक्रियाओं के सरलीकरण से ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के विश्वास का ही प्रमाण है। उन्होंने कहा कि लखनऊ म्युनिसिपल बाॅण्ड में निवेशकों द्वारा 4.5 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया है। इससे निवेशकों द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रति विश्वास झलकता है। यह म्युनिसिपल बाॅण्ड नागरिक सुविधाओं जैसे पेयजल, सीवर, सभी के लिए आवास आदि को विकसित करने के लिए बाजार से ऋण के रूप में पूंजी प्राप्त करने का एक साधन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के मध्य संविधान की मूलभूत अवधारणा स्वायत्तता एवं स्वावलम्बन के अनुरूप स्थानीय निकायों के उन्नयन के साधन के रूप में म्युनिसिपल बाॅण्ड एक उत्तम विकल्प है। 200 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बाॅण्ड से लखनऊ नगर निगम आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर होगा तथा कार्यप्रणाली में प्रशासनिक एवं वित्तीय सुधार सुगम होगा। नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह बाॅण्ड मददगार सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्र की जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शहरी गरीबों का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में 17 नगर निगम हैं। इनमें 10 नगर निगम केन्द्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन में चयनित हैं। शेष 07 नगर निगमों के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से इनका विकास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों को बीएसई तथा एनएसई में लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अब तक 15 एमएसएमई इकाइयों की बीएसई में लिस्टिंग करायी गयी है, जिससे उन्हें अपने उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए धनराशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमों की स्थापना की कार्यवाही को सुगम, पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल निवेश मित्र की सुविधा प्रदेश में प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018 का सफल आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर की स्थापना की जा रही है। इन प्रयासों से रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनेगा। यह काॅरिडोर देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। इसके दृष्टिगत, प्रदेश में निवेश आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष राजधानी लखनऊ में डिफेंस एक्सपो - 2020 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने बीएसई के सीईओ आशीष चैहान और उनकी टीम को लखनऊ नगर निगम के बाॅण्ड को बीएसई में सूचीबद्ध किये जाने की प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, लखनऊ नगर निगम की महापौर संयुक्ता भाटिया, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।