देश का भविष्य तय करने का अधिकार देश की शिक्षण संस्थाओं को होना चाहिए : योगी आदित्यनाथ

अब वक्त आ गया है कि हम अपनी शिक्षण प्रणाली में संस्कृति को और जोर दें : जनरल बिपिन रावत


> महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 88वें संस्थापक सप्ताह समारोह के शुभारंभ पर गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ जी महाराज और चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने प्रतिभाग किया।


> समारोह में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण।


> संस्थापक सप्ताह समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई।


> समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में परिसर में बने सभा मंच, महाराणा प्रताप, महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण किया।


> एनसीसी के कैडेटों ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को गॉर्ड ऑफ ऑनर पेश किया।


> महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शैक्षिक संस्थानों की परंपरागत शोभायात्रा निकली।


> 34 वर्ष बाद एक ऐसी शिक्षा नीति आई है जिसमें ज्ञान के सिर्फ सैद्धांतिक पक्ष ही नहीं, व्यावहारिकता का भी पूरा ध्यान रखा गया है : योगी आदित्यनाथ


> श्री राम मंदिर निर्माण के शुभारंभ के साथ भारत की जनता को करीब पांच सौ वर्षों के बाद सांस्कृतिक विजय मिली है : योगी आदित्यनाथ




महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह कार्यक्रम के उद्धघाटन समारोह कार्यक्रम में 4 दिसंबर, 2020 को मुख्य अतिथि सी डी एस जनरल बिपिन रावत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज तथा विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा


दैनिक कानपुर उजाला


गोरखपुर। गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह का शुभारंभ हुआ। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा रहे। सीडीएस बिपिन सिंह रावत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का लोकार्पण और अनावरण करके कार्यक्रम की शुरुआत की। महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये हम सबको मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत को विश्व गुरु बनाने का सपना साकार करने में योगदान देना है। 34 वर्ष बाद एक ऐसी शिक्षा नीति आई है जिसमें ज्ञान के सिर्फ सैद्धांतिक पक्ष ही नहीं, व्यावहारिकता का भी पूरा ध्यान रखा गया है। इस शिक्षा नीति को समग्र रूप में अंगीकार कर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की 45 से अधिक शैक्षिक संस्थाएं अलग-अलग पहलुओं पर कार्यक्रम बनाकर अपना पूरा योगदान देंगीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने यह बातें शुक्रवार को 88 सालों से ज्ञान का अलख जगा रहे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 88 वें संस्थापक सप्ताह समारोह के शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि श्री गोरक्षपीठ के शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को अपने शताब्दी समारोह के लिए अभी से अगले 10-11 वर्ष के कार्यक्रमों का लक्ष्य तय करना होगा, प्रति वर्ष इसका आकलन करना होगा। योगी जी ने कहा कि देश का भविष्य तय करने का अधिकार देश की शिक्षण संस्थाओं को होना चाहिए। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने घास की रोटी खाकर भी राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए विदेशी हुकूमत के आगे न झुकने वाले महाराणा प्रताप के आदर्श के अनुकूल देश के राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के ध्येय से की और इसे ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने विस्तारित किया। आज यह परिषद आदर्श रूप में वट वृक्ष के समान सबके सामने है। उन्होंने बर्फ की चोटियों पर राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा में लगे सैनिकों के शौर्य और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता “वसुधा का नेता कौन हुआ, भूखंड विजेता कौन हुआ” का उल्लेख करते हुए छात्रों का आह्वान किया कि सफलता के लिए सकारात्मकता और टीम वर्क पर ध्यान देना होगा। श्रीराम मंदिर निर्माण का उल्लेख कर कहा, भारत के सांस्कृतिक विजय का क्रम आगे बढ़ाना है मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण वर्ष है। कोरोना की चुनातियों से जूझते हुए भी देश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। देश की सीमाओं पर हम मजबूती के साथ गौरव को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व अवेद्यनाथ का सपना था, इस वर्ष मंदिर निर्माण के शुभारंभ के साथ भारत की जनता को करीब पांच सौ वर्षों के बाद सांस्कृतिक विजय मिली है। योगी जी ने कहा कि इस वर्ष कोविड-19 ने कड़ी चुनौती पेश की तो कई अवसर भी दिए। हर एक नागरिक ने बचाव के तरीकों के साथ तकनीकी का महत्व भी समझना प्रारम्भ किया। छोटे छोटे बच्चे तकनीकी से तालमेल करते हुए वर्चुअल पढ़ाई कर रहे हैं। अब हमें और आगे बढ़ना होगा। कोविड पर केंद्र और प्रदेश सरकार पूरा प्रयास कर रही है, वैक्सिनेशन की भी तैयारी है लेकिन हमें यह समझना होगा कि वायरस एक बार आ जाता है तो उससे बचाव के लिए लंबे समय तक सतर्कता की जरूरत होती है। इसमें जनसमुदाय, विशेषकर छात्रों की अपनी भूमिका निभाने को आगे आना होगा। योगी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश कोरोना काल में लड़कर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1977 से 2017 तक कहर बरपाने वाली इंसेफेलाइटिस पर काबू पाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 600 से 1500 तक बच्चे इंसेफेलाइटिस के चलते जुलाई से सितंबर माह में काल के गाल में समा जाते थे। वर्ष 2017 से हमने समन्वित प्रयास, जनसमुदाय की सहभागिता और प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के जरिये इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई जीती है। पिछले तीन वर्षों में अंतर्विभागीय समन्वय से इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में 95 प्रतिशत की कमी आई है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक समारोह के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, भारत सरकार, जनरल बिपिन रावत ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक, शिक्षा और सामाजिक उन्नति, तकनीकी विस्तार, शहरीकरण आदि के जरिए देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए भारत का उभार सामने आने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखकर शिक्षा देने वाले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के इस समारोह में आकर वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कई सौ सालों तक देश विदेशियों के कब्जे में रहा, विचारधारा में काफी बदलाव आया। अब वक्त आ गया है कि हम अपनी शिक्षण प्रणाली में संस्कृति को और जोर दें। जनरल रावत ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। वे जोश, लगन, ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे तो देश उन्नति करेगा। उन्होंने विद्यर्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सोच ऊंचा रखिए और उसे हासिल करने के लिए बाधाओं का सामना करिए। स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आपकी रोज की दिनचर्या में मुसीबत नहीं आ रही तो आप गलत रास्ते पर हैं। हमें सही और गलत की पहचान करनी होगी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए जनरल रावत ने कहा कि सूरज की चमक चाहते हो तो उसकी तरह जलना भी होगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य व समाज के क्षेत्र में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के कार्य अभूतपूर्व हैं। उन्होंने कहा कि इस परिषद के संस्थापक महंत दिग्विजयनाथ गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के भी प्रमुख सूत्रधार थे। महंत अवेद्यनाथ द्वारा विस्तारित यह शिक्षा परिषद कर्तमान पीठाधीश्वर व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में निरन्तर प्रगति पथ पर है। योगी जी की अगुवाई में उत्तर प्रदेश की शक्ति का भारत में अलौकिक प्रदर्शन हो रहा है। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के परिसर में आयोजित समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में परिसर में बने सभामंच, महाराणा प्रताप, महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके पूर्व एनसीसी के कैडेटों ने उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर पेश किया। जनरल रावत ने एनसीसी परेड का निरीक्षण करने के साथ उनके साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनरल बिपिन रावत को स्मृति चिन्ह के रूप में गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा, अंगवस्त्र व नाथपंथ के दो धार्मिक ग्रन्थ भेंट किए। जनरल रावत भी योगी जी के लिए भेंट स्वरूप स्मृति चिन्ह लाए थे जिसे उन्होंने मंच पर महाराज जी को प्रदान किया। मंचीय कार्यक्रम के बाद महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शैक्षिक संस्थानों की परंपरागत शोभायात्रा निकली। इस अवसर पर जनरल बिपिन रावत ने मार्च पास्ट की सलामी ली।


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