एमएसएमई इकाइयों को पूंजी उपलब्ध कराने में यह लोन मेला एक संजीवनी है : योगी आदित्यनाथ

एमएसएमई इकाइयों को अधिक से अधिक ऋण वितरण किए जाने के प्रयास लगातार जारी


एमएसएमई सेक्टर को आगे बढ़ाकर सम्भावनाओं को वास्तविक धरातल पर उतारने में सफलता मिलेगी


उद्यमियों सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो : मुख्यमंत्री


> मुख्यमंत्री ने 3,54,825 एमएसएमई इकाइयों को 10,390 करोड़ रु के ऋण एवं एक जनपद एक उत्पाद के अन्तर्गत 5,000 प्रशिक्षार्थियों को उन्नत टूलकिट आनलाइन वितरित किए। 


> सम्पन्न लोन मेलों के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर में लगभग 25 लाख रोजगार सृजित हुए।


> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 20 लाख एमएसएमई इकाइयों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।


> जिस दिन भारत सरकार ने आर्थिक पैकेज की घोषणा की, उसके अगले दिन 14 मई, 2020 को उत्तर प्रदेश ही सबसे पहला राज्य था, जिसने ऋण वितरण करने में सफलता प्राप्त की।


> आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्रम में 4,3,646 इकाइयों को कुल 10,599 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।


> मदद अभियान के तीसरे चरण में कुल 2,69,291 एमएसएमई इकाइयों को 7,841 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। 


> ऋण वितरण कार्यक्रम के माध्यम से औद्योगिक विकास को एक नई गति प्रदान की गयी है : मुख्यमंत्री


> प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान होगा : मुख्यमंत्री


> मुख्यमंत्री ने ऋण प्राप्त करने वाले तथा ओडीओपी योजना के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद किया। 


 

प्रदेश के सभी जनपदों में ट्रेनिंग कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं..... 


एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 16,000 प्रशिक्षार्थियों को कौशल उन्नयन हेतु प्रशिक्षित किया गया है। 5,000 प्रशिक्षार्थियों को उनके व्यवसाय से सम्बन्धी उन्नत टूलकिट का ऑनलाइन वितरण किया जा रहा है।



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 3 दिसंबर, 2020 को अपने सरकारी आवास पर ऑनलाइन लोन मेले तथा ओ डी ओ पी योजना के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद करते हुए।



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 3 दिसंबर, 2020 को अपने सरकारी आवास पर एक एमएसएमई  उद्यमी को ऋण का चेक प्रदान करते हुए।



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 3 दिसंबर, 2020 को अपने सरकारी आवास पर एक ओडीओपी लाभार्थी को उन्नत टूलकिट प्रदान करते हुए।


दैनिक कानपुर उजाला


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर 3,54,825 एमएसएमई इकाइयों को 10,390 करोड़ रुपये के ऋण एवं एक जनपद एक उत्पाद योजना के अन्तर्गत 5,000 प्रशिक्षार्थियों को टूलकिट आनलाइन वितरित किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि आनलाइन लोन मेले के माध्यम से आज एमएसएमई क्षेत्र की इकाइयों को ऋण वितरित किया जा रहा है। इसके पूर्व भी कोरोना काल में विभिन्न चरणों के तहत एमएसएमई इकाइयों के लिए आनलाइन ऋण वितरित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आज एमएसएमई क्षेत्र की 3 लाख 24 हजार 911 नई इकाइयों को कुल 9,074 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा रहा है। इनमें विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं जैसे-प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण सहायता योजना, मुद्रा योजना एवं अन्य एमएसएमई ऋण सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत 29,914 पूर्व स्थापित इकाइयों को 1,316 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लोन मेले के माध्यम से कुल 3,54,825 एमएसएमई इकाइयों को 10,390 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा रहा है। एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना के अन्तर्गत परम्परागत उत्पाद को बेहतर अवसर देने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में ट्रेनिंग कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 16,000 प्रशिक्षार्थियों को कौशल उन्नयन हेतु प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज 5,000 प्रशिक्षार्थियों को उनके व्यवसाय से सम्बन्धी उन्नत टूलकिट का ऑनलाइन वितरण किया जा रहा है। यह टूलकिट्स हैण्डलूम, हैण्डीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, मेटल शिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, पॉटरी आदि से सम्बन्धित हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को आगे बढ़ाकर तथा इसके माध्यम से उद्यमियों, व्यवसायियों और युवाओं को उन्नति का बेहतर माहौल देकर प्रदेश की सम्भावनाओं को वास्तविक धरातल पर उतारने में सफलता मिलेगी। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत ऋण वितरण से प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को लाभ मिल रहा है। यह स्थानीय स्तर पर आम नागरिकों को स्वावलम्बी बनाने तथा प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि नवीन एमएसएमई इकाइयों की स्थापना तथा विस्तार के लिए पुरानी इकाइयों को पूंजी उपलब्ध कराने में यह लोन मेला एक संजीवनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक सम्पन्न लोन मेलों के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को व्यापक स्तर पर ऋण की सुविधा प्रदान की गयी है। इससे लगभग 25 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री जी ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020 - 21 में 20 लाख एमएसएमई इकाइयों को बैंकों से जोड़ते हुए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बैंकों से अपेक्षा की कि यह सुनिश्चित करें कि उद्यमियों सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋण वितरण कार्यक्रम के माध्यम से औद्योगिक विकास को एक नई गति प्रदान की गयी है। इससे राज्य के नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 में भी देश की आर्थिक स्थिति में कोई गिरावट न आये, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आत्मनिर्भर अभियान के तहत 20,000 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिली है। केन्द्र सरकार द्वारा एमएसएमई सेक्टर हेतु 03 लाख करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया गया है, जिसका पूरा लाभ प्रदेश सरकार अपने एमएसएमई सेक्टर को मजबूत कर उद्यमियों को प्रदान कर रही है। जिस दिन भारत सरकार ने आर्थिक पैकेज की घोषणा की, उसके अगले दिन 14 मई, 2020 को उत्तर प्रदेश ही सबसे पहला राज्य था, जिसने आनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम के माध्यम से 56,754 नई एमएसएमई इकाइयों को 2002 करोड़ रुपये का ऋण वितरण करने में सफलता प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कामगारों व श्रमिकों को रोजगार मिल सके, इसके लिए प्रदेश सरकार उन्हें राज्य में संचालित अनेक योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है। राज्य के तीव्र आर्थिक एवं औद्योगिक विकास में एमएसएमई सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन में एमएसएमई इकाइयों की बड़ी भूमिका है। इसलिए प्रदेश सरकार कोरोना काल खण्ड में इस सेक्टर पर पूरा ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन्हें आनलाइन प्लेटफाॅर्म की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेन्ज (बीएसई) तथा नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज (एनएसई) में लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा दोनों संस्थाओं के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किये हैं। अब तक 15 एमएसएमई इकाइयों ने बीएसई में लिस्टिंग कराकर अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए धनराशि जुटाई है। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने लोन मेले के अन्तर्गत प्रदीप मिश्रा,  मोहम्मद एजाज खान, अशीष पाल, मोहम्मद सुलेमान, अरविन्द अरोड़ा, सुभाष पाल, संदीप अरोड़ा, सिद्धार्थ भाटिया तथा  मनीष वर्मा को चेक प्रदान किया। एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के अंतर्गत हनुमान दत्त मिश्रा, सुश्री सुषमा वर्मा, पम्मी, सुश्री रेहाना परवीन, चन्दो कश्यप, मोहम्मद इमरान, सुश्री सुषमा कुमारी, सुश्री मधु कश्यप, मेराज खान, सुश्री राधा सिंह को टूलकिट्स प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने लोन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में जनपद सिद्धार्थनगर की सुश्री सरिता मिश्रा, मुरादाबाद के निश्चल आर्या, जनपद हापुड़ के शुभम कंसल, जनपद वाराणसी के मोहम्मद रेहान अंसारी तथा जनपद गोरखपुर के अर्जुन कुमार भारती से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री जी ने लोन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में जनपद हापुड़ के शुभम कंसल से संवाद के दौरान उनका कुशलक्षेम पूछा तथा लोन के विषय में जानकारी प्राप्त की। श्री कंसल ने बताया कि वह प्राप्त ऋण के माध्यम से सौर इन्वर्टर की इकाई स्थापित करेंगे। इसी तरह गोरखपुर के अर्जुन कुमार भारती ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि वह आटोवेयर के सम्बन्ध में अपने कार्याें को आगे बढ़ाएंगे। इस पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में इलेक्ट्रिक कार, बस आदि को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसलिए चार्जिंग सेण्टर स्थापित करने की दिशा में भी अध्ययन करते हुए इस क्षेत्रों में भी सम्भावनाएं तलाशने की आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओडीओपी योजना के लाभार्थियों से संवाद किया। जनपद गोरखपुर के उमेश कुमार प्रजापति ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि इलेक्ट्रिक चाक मिलने से उनके टेराकोटा उद्योग को काफी गति मिली है। जनपद प्रतापगढ़ के विनोद कुमार यादव ने मुख्यमंत्री जी को बताया कि वह आंवले से मुरब्बा, अचार इत्यादि बनाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आंवला एक बहुउपयोगी फल है। इसके जूस की डिमाण्ड मार्केट में बहुत ज्यादा है। आंवले का चूरन भी बहुत उपयोग में आता है। इसके दृष्टिगत, इस पर भी कार्य किये जाने की आवश्यकता है। जनपद मथुरा की सुश्री सोनिया माथुर ने मुख्यमंत्री को बताया कि ठाकुर जी की पोशाक, श्रृंगार मूर्ति एवं कंठीमाला के उत्पादों पर कार्य कर रही हैं, जिसकी भारी मांग है। जनपद बिजनौर के मुकुल कुमार ने बताया कि वुडक्राफ्ट में ओडीओपी योजना के तहत काफी लाभ प्राप्त हुआ है। जनपद बरेली की सुश्री मीरा ने मुख्यमंत्री को बताया कि टूलकिट प्राप्त होने से ज़री-जरदोजी के काम को विस्तार मिलेगा। एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में एमएसएमई सेक्टर लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। ओडीओपी योजना से अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम प्राप्त हुआ है। ज्ञातव्य है कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को आनलाइन किया गया है। हस्तशिल्पियों के कौशल विकास की प्रशिक्षण योजना, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों के लिए प्रशिक्षण योजना तथा ओडीओपी-विपणन प्रोत्साहन योजना की प्रक्रिया भी आनलाइन की गयी है। रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एमएसएमई विभाग द्वारा अधिक से अधिक नई इकाइयों की स्थापना तथा पूर्व स्थापित इकाइयों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। उद्यमियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह भी तय किया गया है कि इन इकाइयों को वित्तीय संस्थाओं / बैंकों के साथ जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने आर्थिक पैकेज का बेहतर उपयोग किया है। एमएसएमई उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण के उद्देश्य से ‘आनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई साथी पोर्टल एवं मोबाइल एप का शुभारम्भ भी किया गया। प्रधानमंत्री जी द्वारा 26 जून, 2020 को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अन्तर्गत प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर की पूर्व स्थापित लगभग 02,67,980 इकाइयों को 6,565 करोड़ रुपये के ऋण वितरण के साथ - साथ 01,35,666 नवीन इकाइयों को 4,034 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। इस प्रकार 4,3,646 इकाइयों को कुल 10,599 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। एमएसएमई सेक्टर के मदद अभियान के तीसरे चरण में पूर्व स्थापित 1,39,538 इकाइयों को 3,180 करोड़ रुपये का ऋण आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत वितरित किया गया। इसके अलावा 1,29,753 नवीन एमएसएमई इकाइयों को कुल 4,661 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कराया गया। इस प्रकार 2,69,291 एमएसएमई इकाइयों को 7,841 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। केन्द्र के आत्मनिर्भर भारत पैकेज से प्रदेश की एमएसएमई इकाइयां अधिक से अधिक लाभ प्राप्त सकें, इसके लिए एमएसएमई विभाग द्वारा निरन्तर बैंकों से समन्वय तथा उद्यमियों से सम्पर्क स्थापित किया जा रहा है। बैंकों से प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को अधिक से अधिक ऋण वितरण किए जाने के प्रयास लगातार जारी हैं। इससे प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर, स्वावलम्बी तथा सशक्त भारत के रूप में विश्व की बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा। प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर, जनरल मैनेजर बैंक आफ बड़ौदा / राज्य संयोजक एसएलबीसी ब्रजेश कुमार सिंह, एसबीआई के चीफ जनरल मैनेजर अजय कुमार खन्ना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।