गोबर धन योजना को प्रदेश में लागू करने के लिए परियोजनाएं तैयार की जाएं : मुख्यमंत्री

> खुले बोर वेल को सुरक्षित बनाने की कार्यवाही की जाए, ताकि इसमें गिरकर दुर्घटना हो जाने की सम्भावना न रहे : मुख्यमंत्री


> मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को डेयरी प्रोत्साहन के लिये संचालित योजनाओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


> जिला सेवायोजन अधिकारी पोर्टल के माध्यम से रोजगार प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री


दैनिक कानपुर उजाला


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि और ग्रामीण विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों को कृषि, किसान कल्याण तथा ग्राम्य विकास से जुड़े कार्यों के संचालन में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त को निर्देशित किया कि वे नाबार्ड से समन्वय कर कृषि अवस्थापना, उद्यान, सहकारिता, सिंचाई आदि से जुड़े कार्यों के लिये अधिक से अधिक धनराशि प्राप्त करें। इस सम्बन्ध में विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण द्वारा नाबार्ड एवं अन्य संस्थाओं से नियमित सम्पर्क में रहकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों को सुदृढ़ बनाकर उनके माध्यम से किसानों के लिये बीज एवं खाद जैसे जरूरी कृषि निवेशों की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए समय से धनराशि निर्गत कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड तथा विन्ध्य क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर घर नल परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। इसके लिए धनराशि की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खुले बोर वेल को सुरक्षित बनाने की कार्यवाही की जाए, ताकि इसमें गिरकर दुर्घटना हो जाने की सम्भावना न रहे। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को डेयरी प्रोत्साहन के लिये संचालित योजनाओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई गोबर धन योजना को प्रदेश में लागू करने के लिए परियोजनाएं तैयार की जाएं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने धान क्रय केन्द्रों के सुचारु संचालन पर बल देते हुए कहा कि धान खरीद का भुगतान किसानों को प्रत्येक दशा में 72 घण्टे में करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा धान खरीद भुगतान की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये प्रभावी कार्यवाही निरन्तर जारी रखी जाए। जनपद स्तर पर जिला सेवायोजन अधिकारी को जिम्मेदारी देते हुए पोर्टल के माध्यम से रोजगार प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, जल शक्ति मंत्री डाॅ महेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त  आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई तथा सूचना, अपर मुख्य सचिव राजस्व, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास, अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी वेंकटेश, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मनोज सिंह, अपर मुख्य सचिव सहकारिता एमवीएस रामी रेड्डी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव नमामि गंगे तथा ग्रामीण जल संसाधन अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, सचिव मुख्यमंत्री, सूचना निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।