चित्रकूट धाम मंडल में 09 नये ऑक्सीजन प्लाण्ट प्रस्तावित

 निशुल्क खाद्यान्न वितरण कार्य को जून के प्रथम सप्ताह में आगे बढ़ाया जाएगा


> जनपद में पाॅजिटिविटी रेट को कम करने के लिए टेस्टिंग बढ़ायी गयी है : मुख्यमंत्री
> आर.आर.टी. की टीम 24 घण्टे के अन्दर संक्रमित व संदिग्धों का टेस्ट करती है : मुख्यमंत्री
> आज गांव में संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है : मुख्यमंत्री
> 01 जून से प्रत्येक जनपद में न्यायिक अधिकारियों एवं मीडिया के लिए अलग से वैक्सीनेशन सेण्टर स्थापित किये जायेंगे, जहां पर उन्हें और उनके परिजनों का वैक्सीनेशन किया जाएगा : मुख्यमंत्री
> वैक्सीनेशन को गति देने के लिए गांव - गांव में काॅमन सर्विस सेण्टर को इसका केन्द्र बिन्दु बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री

दैनिक कानपुर उजाला
लखनऊ। 
बैठक के उपरान्त मुख्यमंत्री ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के विषय में ऐसी आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं, कि 25 अप्रैल के बाद यहां की स्थिति बहुत खराब हो जाएगी। कोरोना के 01 लाख से अधिक मामले प्रतिदिन आयेंगे। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की टीम ने, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, हेल्थ वर्कर्स, कोरोना वारियर्स, स्वयंसेवी संगठनों ने पूरी मजबूती के साथ इसका सामना किया। इसका परिणाम है कि 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के जो 03 लाख 10 हजार 783 एक्टिव केस थे। आज वह घटकर मात्र 84 हजार रह गये हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 22 दिनों में 02 लाख 26 हजार एक्टिव केस कम हुए हैं। प्रदेश में सबसे अधिक पाॅजिटिव केस 24 अप्रैल, 2021 को 38 हजार से अधिक केस आये थे। आज 4,800 पाॅजिटिव केस प्रदेश में आये हैं। ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट के कारण यह सम्भव हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्स्ट और सेकेण्ड वेव में अन्तर था। फर्स्ट वेव में संक्रमण था, लेकिन दूसरी वेव में 50 गुना अधिक संक्रमण था। अचानक एक बड़ी आबादी संक्रमण की चपेट में आ गयी। ऑक्सीजन की डिमाण्ड हुई, वेन्टीलेटर और ऑक्सीजनयुक्त बेडों की डिमाण्ड हुई, लेकिन अब इस स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलायी गयीं। उद्योगों के उपयोग में लायी जाने वाली ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में बदलकर मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करायी गयी। वायुसेना के विमानों का भी उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी की समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ऑक्सीजन के 300 प्लाण्ट लगाये जा रहे हैं। चित्रकूट मण्डल में पहले से कुछ ऑक्सीजन प्लाण्ट संचालित हैं, अब 09 नये ऑक्सीजन प्लाण्ट प्रस्तावित किये गये हैं, जिन पर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अन्दर रिकवरी दर बढ़ी है। प्रदेश में रिकवरी दर 93 प्रतिशत है। प्रदेश में पाॅजिटिविटी दर लगातार घट रही है, आज प्रदेश की पाॅजिटिविटी दर 02 प्रतिशत के आस - पास है। प्रदेश में टेस्टिंग की क्षमता बढ़ायी गयी है। प्रदेश में अब तक 04 करोड़ 67 लाख से अधिक टेस्ट किये जा चुके हैं। प्रत्येक जनपद में पाॅजिटिविटी रेट को कम करने के लिए टेस्टिंग बढ़ायी गयी है। निगरानी समितियों को गांव - गांव भेजा गया। आर.आर.टी. की टीम 24 घण्टे के अन्दर संक्रमित व संदिग्धों का टेस्ट करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगरानी समिति के माध्यम से संक्रमितों को मेडिकल किट उपलब्ध करायी जा रही है। इसके चलते आज गांव में संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। गांव के लोगों की जागरुकता, निगरानी समितियों की सक्रियता, आर.आर.टी. द्वारा समय से टेस्ट करने का परिणाम है कि गांव के लोग आज सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कोरोना को हराने का संकल्प हम सबने लिया है। बुन्देलखण्ड के जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक टीम, स्वास्थ्य विभाग की टीम, मेडिकल काॅलेज, कोरोना वाॅरियर्स, पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ पूरे अभियान से जुडे़ हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें व्यक्ति के जीवन और जीविका को भी बचाना है। प्रदेश सरकार ने राज्य में कोरोना कर्फ्यू लगाया है। सामान्य गतिविधियां चल रही हैं, खेती बाड़ी का काम चल रहा है। उद्योग धन्धे चल रहे हैं। परिवहन निगम की बसें चल रही हैं। सब्जी मण्डी का संचालन हो रहा है। आवश्यक और इमरजेन्सी सेवाओं को निरन्तर संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत हर गरीब को माह मई और जून में 05 किलो निशुल्क खाद्यान्न प्रति यूनिट उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार ने जून, जुलाई, अगस्त माह में राज्य के हर पात्र गृहस्थी, अन्त्योदय कार्ड धारक तथा जरूरतमंद को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। सभी जनपदों में कम्युनिटी किचन संचालित किये जा रहे हैं। जरूरतमंदों और मरीज के परिजनों को भोजन मिल सके, इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। प्रतिदिन मजदूरी करके खाने वालों को 1000 रुपए का भरण पोषण भत्ता उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जा रही है। पात्र लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। सभी जिलों से सूची मांगी जा रही है, जून के प्रथम सप्ताह में इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन एक बड़ा सुरक्षा कवच है। उन्होंने प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने देश को 02 स्वदेशी वैक्सीन दिये। साथ ही, तीसरा वैक्सीन स्पूतनिक भी देश में आ चुका है। कई अन्य भारतीय वैक्सीन माह जुलाई, अगस्त तक मार्केट में आने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए पहले चरण में सबसे अधिक एक्टिव केस वाले 09 जनपदों को शामिल किया गया है। साथ ही, 18 नगर निगम वाले जनपदों, प्रदेश के सभी मण्डल मुख्यालयों को इससे जोड़ा गया है। अब 01 जून से प्रदेश के सभी जनपदों में 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों को निःशुल्क वैक्सीन देने की व्यवस्था की जा रही है। वैक्सीनेशन सेण्टर पर वेटिंग एरिया, ऑब्जरवेशन एरिया सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में संचालित वैक्सीनेशन सेण्टर पर जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रत्येक जनपद में न्यायिक अधिकारियों एवं मीडिया के लिए अलग से वैक्सीनेशन सेण्टर स्थापित किये जायेंगे, जहां पर उन्हें और उनके परिजनों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। यह व्यवस्था 01 जून से लागू की जाएगी। कोरोना के खिलाफ यह देश की लड़ाई है। चित्रकूट मण्डल द्वारा इस अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया है। इससे हमें अपेक्षित परिणाम मिले हैं। कोरोना के विरुद्ध जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक टीम, स्वास्थ्य विभाग की टीम, मेडिकल काॅलेज, कोरोना वाॅरियर्स तथा पुलिस प्रशासन सभी अपना योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन और कोरोना टेस्टिंग से बचना ठीक नहीं है। संक्रमितों / संदिग्धों का टेस्ट करने तथा टीकाकरण के लिए टीमें गांव - गांव जा रही हैं। संदिग्ध लोग टेस्ट करवाने में अपना योगदान दें। संक्रमितों / संदिग्धों को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। वैक्सीनेशन को गति देने के लिए गांव - गांव में काॅमन सर्विस सेण्टर को इसका केन्द्र बिन्दु बनाया जाएगा। सभी को वैक्सीनेशन के लिए जागरुक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने में काफी सफलता मिली है, लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन अनिवार्य रूप से सभी लोगों द्वारा किया जाना चाहिए। कमजोर इम्यूनिटी के लोग, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बच्चे इत्यादि घर के बाहर न निकलें। साथ ही घर में भी मास्क लगाएं। अन्य लोग जिन्हें कार्यवश बाहर निकलना पड़े तो वह मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। इसका पालन करने से कोरोना की चेन ब्रेक होगी। कोरोना के खिलाफ देश की यह लड़ाई हर एक नागरिक के सहयोग से जीती जा सकेगी। इस जंग में हमारा देश विजयी होगा। सामान्य जन - जीवन अब फिर से पटरी पर आ रहा है। इसको और आगे बढ़ाकर हम अर्थव्यस्था को संबल प्रदान करेंगे। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री जी ने जनपद बांदा के विकास भवन में स्थापित इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर का निरीक्षण किया।

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