उत्तर प्रदेश में कुल 65 ऑक्सीजन संयंत्र क्रियाशील स्थिति में हैं

विगत 24 घण्टों में राज्य में 401 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई

राज्य में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के लिए जनपद तथा शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए : मुख्यमंत्री

> बच्चों में वायरल बुखार आदि में उपयोग हेतु मेडिसिन किट की व्यवस्था कर शीघ्र निगरानी समितियों को उपलब्ध कराया जाए : मुख्यमंत्री

> सभी स्वास्थ्य केन्द्रों तथा इन केन्द्रों पर उपलब्ध सुविधाओं को एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर दर्शाया जाए : मुख्यमंत्री

> सभी जनपदों में व्यापक रूप से ट्रेनिंग कराने के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाए : मुख्यमंत्री

> वैक्सीनेशन सेण्टर पर अधिक समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए कोरोना वैक्सीनेशन हेतु स्थापित सभी केन्द्र निरन्तर संचालित रहने चाहिए : मुख्यमंत्री

> एम.एस.पी. के अन्तर्गत गेहूं खरीद तथा राशन की दुकानों से खाद्यान्न वितरण में कोविड प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन किया जाए : मुख्यमंत्री

> एम.एस.एम.ई. इकाइयों की सहायता के लिए लोन मेला लगाने के सम्बन्ध में आवश्यक तैयारी की जाए : मुख्यमंत्री

कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त विभिन्न लोगों में कॉम्प्लिकेशंस देखने में आ रहे हैं
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन मरीजों के उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पोस्ट कोविड वाॅर्ड बनाए जाएं। पोस्ट कोविड अवस्था में ब्लैक फंगस से संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उच्च स्तरीय कोरोना रोकथाम सम्बन्धी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को कराया अवगत
प्रदेश में पिछले 24 घण्टों में 3,23,795 कोविड टेस्ट किए गए हैं। इन टेस्ट में संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 0.4 प्रतिशत रही है।

आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट वाले जनपदों की संख्या बढ़कर 64 हुई
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट वाले जनपदों में भीड़ - भाड़ की सम्भावना वाले तथा महत्वपूर्ण स्थलों जैसे बाजारों, सब्जी, फल, गल्ला मण्डी, चैराहों आदि पर पुलिस द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग की जाए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 01 जून, 2021 को वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करते हुए।

दैनिक कानपुर उजाला
लखनऊ।
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार की ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में सफल सिद्ध हो रही है। पॉजिटिविटी दर में लगातार कमी तथा रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि से राज्य में कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आयी है। इसके दृष्टिगत कोरोना संक्रमण के 600 से कम एक्टिव केस वाले 61 जनपदों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू में आज 01 जून, 2021 की सुबह 7 बजे से ढील दी गई है। जनपद लखीमपुर खीरी, जौनपुर तथा गाजीपुर में भी कोरोना संक्रमण के मामले 600 से कम हो गए हैं। इन जनपदों में कल 02 जून, 2021 की सुबह 7 बजे से आंशिक कोरोना कर्फ्यू में छूट दी जाएगी। इससे आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट वाले जनपदों की संख्या बढ़कर 64 हो जाएगी। रात्रिकालीन एवं साप्ताहिक बंदी सहित अन्य सभी सम्बन्धित नियम इन जनपदों में भी प्रभावी रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी मंगलवार 1 जून को वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में, जिसमें आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट दी जा रही है, कोरोना के एक्टिव केस 600 से अधिक हो जाते हैं, तो सम्बन्धित जनपद में दी गई छूट समाप्त हो जाएगी तथा अनुमन्य समस्त गतिविधियां पुनः प्रतिबंधित हो जाएंगी। जिन जनपदों में कोरोना के सक्रिय केस की संख्या 600 से अधिक है, वहां फिलहाल कोई छूट अनुमन्य नहीं होगी। इन जनपदों में स्वास्थ्य विभाग की प्रतिदिन की कोरोना रिपोर्ट के आधार पर कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की कुल संख्या 600 से कम हो जाने पर इन जनपदों में भी आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट स्वतः लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू से छूट वाले जनपदों में भीड़ - भाड़ की सम्भावना वाले तथा महत्वपूर्ण स्थलों जैसे बाजारों, सब्जी, फल, गल्ला मण्डी, चैराहों आदि पर पुलिस द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग की जाए। किसी भी स्थान पर भीड़ एकत्र न होने दी जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा पी.आर.वी. के वाहनों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में लगातार जागरुक किया जाए। साथ ही, अनावश्यक भीड़ - भाड़ लगाने के प्रति सचेत भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी दुकानों पर क्रेता व विक्रेता दोनों द्वारा मास्क का आवश्यक रूप से प्रयोग तथा दो-गज की दूरी का पालन हो। दुकानों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था भी रहे। उन्होंने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू  में छूट शाम 7 बजे तक के लिए दी गई है। पुलिस द्वारा शाम 7 बजे से आंशिक कोरोना कर्फ्यू को पुनः लागू कराने के लिए कार्यवाही शाम 6 बजे से ही प्रारम्भ कर दी जाए। पेट्रोलिंग तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को आंशिक कोरोना कर्फ्यू का पूर्णतया पालन करने के लिए कहा जाए। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 1,317 नये मामले आए हैं। इसी अवधि में 5,625 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। राज्य में 24 अप्रैल, 2021 को कोरोना संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 38,055 मामले प्रकाश में आए थे। विगत 24 घण्टों में प्रकाश में आए कोरोना संक्रमण के मामले इससे 96.5 प्रतिशत कम हैं। प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 को संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक एक्टिव मामले 3,10,783 थे। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 32,465 हो गयी है। इस प्रकार विगत 30 अप्रैल के सापेक्ष अब एक्टिव मामलों की संख्या में 2,78,318 की कमी आ गयी है। मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यह दर बढ़कर 96.9 प्रतिशत हो गयी है। पॉजिटिविटी दर में कमी तथा रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि से प्रदेश में कोरोना संक्रमण में कमी हो रही है। प्रदेश में पिछले 24 घण्टों में 3,23,795 कोविड टेस्ट किए गए हैं। इन टेस्ट में संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 0.4 प्रतिशत रही है। प्रदेश में अब तक कुल 4 करोड़ 97 लाख 33 हजार 141 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। संक्रमण को नियंत्रित रखने के राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास सफल हो रहे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण निरन्तर कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों द्वारा प्रत्येक लक्षण युक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध हो जाए। इस कार्य में कोई शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। निगरानी समितियों को मेडिसिन किट की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। बच्चों में वायरल बुखार आदि में उपयोग हेतु मेडिसिन किट की व्यवस्था कर शीघ्र निगरानी समितियों को उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त विभिन्न लोगों में अनेक कॉम्प्लिकेशंस देखने में आ रहे हैं। इन मरीजों के उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पोस्ट कोविड वाॅर्ड बनाए जाएं। पोस्ट कोविड अवस्था में ब्लैक फंगस से संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ब्लैक फंगस के संक्रमण से प्रभावित सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में ब्लैक फंगस की दवाओं की उपलब्धता रहे। ब्लैक फंगस के उपचार के संबंध में वैकल्पिक दवाओं की भी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के भविष्य के आकलनों को देखते हुए राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिये युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाएं। सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी और समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए। इन स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए एक व्यक्ति को जिम्मेदारी देकर कार्य व्यवस्थित, त्वरित तथा प्रभावी ढंग से संपन्न कराया जाए। साथ ही, मुख्यालय तथा जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा भी की जाए। स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण में जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में स्थापित सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाए। एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर सभी स्वास्थ्य केन्द्रों तथा इन केन्द्रों पर उपलब्ध सुविधाओं को इस पर दर्शाया जाए, जिससे आमजन बेहतर ढंग से लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मेडिकल कालेजों तथा जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पीडियाट्रिक आई.सी.यू. (पीकू) तथा नियोनेटल आई.सी.यू. (नीकू) के निर्माण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जाए। वर्षा काल में इंसेफ्लाइटिस के संक्रमण की सम्भावना सर्वाधिक होती है। इसके दृष्टिगत इंसेफ्लाइटिस के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभी से पूरी सतर्कता बरती जाए। उपचार की व्यवस्था की भी अभी से पूरी तैयारी कर ली जाए। ए.एन.एम., आंगनबाड़ी व आशा कर्मियों के प्रशिक्षण की कार्यवाही पूरी कर ली जाए। सभी जनपदों में 108 और 102 नम्बर की एम्बुलेंस सेवाएं सुचारू एवं प्रभावी ढंग से कार्यशील रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में उपलब्ध समस्त वेण्टीलेटर कार्यशील अवस्था में रहें। खराब वेण्टीलेटर की तुरन्त मरम्मत कराकर क्रियाशील किया जाए। जिन वेण्टीलेटर की मरम्मत सम्भव नहीं है, उन्हें रिप्लेस किया जाए। वेण्टीलेटर के संचालन के लिए आई.टी.आई. में उपलब्ध टेक्नीशियंस की ट्रेनिंग कराकर आवश्यकतानुसार तैनाती दी जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कोविड बेड की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। विगत दिवस प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 80 बेड की वृद्धि हुई है। इसमें आइसोलेशन बेड के अलावा आई.सी.यू. बेड भी शामिल हैं। मानव संसाधन में भी लगातार वृद्धि की जा रही है। आज से पूरे प्रदेश में वर्चुअल माध्यम से पीडियाट्रिक केयर ट्रेनिंग कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में व्यापक रूप से ट्रेनिंग कराने के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में राज्य में 401 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बैकअप उपलब्ध है। होम आइसोलेशन के मरीजों में ऑक्सीजन की डिमाण्ड में कमी आयी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के लिए जनपद तथा शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य में कार्यशील, निर्माणाधीन तथा स्वीकृत कुल ऑक्सीजन संयंत्रों की संख्या 416 हो गई है। इनमें से 65 क्रियाशील स्थिति में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित और सुचारू ढंग से संचालित की जाए। कोविड वैक्सीनेशन की कार्यवाही जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर संचालित की जाए। वैक्सीनेशन हेतु लोगों को वैक्सीनेशन सेण्टर पर अधिक समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए कोरोना वैक्सीनेशन हेतु स्थापित सभी केन्द्र निरन्तर संचालित रहने चाहिए। आवश्यकतानुसार वैक्सीनेशन बूथ की संख्या भी बढ़ाई जाए। वैक्सीनेशन सेण्टर पर भीड़ - भाड़ से बचने के लिए वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए। उन लोगों को ही वैक्सीनेशन सेण्टर पर बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। वैक्सीनेशन के कार्य में कोविड प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक रूप से हो। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि आज, 1 जून, 2021 से सभी 75 जनपदों में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के वैक्सीनेशन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। आज से ही प्रत्येक जनपद में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों के वैक्सीनेशन हेतु अभिभावक स्पेशल बूथ भी संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री को बताया गया कि अब तक प्रदेश में 01 करोड़ 83 लाख 32 हजार 316 वैक्सीन की डोज एडमिनिस्टर की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही युद्ध स्तर पर जारी रखी जाए। यह कार्यवाही कोरोना वायरस सहित सभी वेक्टर जनित बीमारियों को नियंत्रित करने में सहायक होगी। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी गेहूं क्रय केन्द्र कार्यशील रहें। किसानों को अपनी उपज के विक्रय में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। एम.एस.पी. के तहत खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भण्डारण की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे बारिश की वजह से कोई नुकसान न पहुंचे। एम.एस.पी. के अन्तर्गत गेहूं खरीद तथा राशन की दुकानों से खाद्यान्न वितरण में कोविड प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन किया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि एम.एस.पी. के तहत अब तक 8 लाख 52 हजार से अधिक किसानों से 40 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। प्रदेश में कुल 565 कम्युनिटी किचन संचालित हैं। इनमें से 410 सरकारी तथा 155 स्वयंसेवी संगठनों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से अब तक 10 लाख 40 हजार 68 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम.एस.एम.ई. इकाइयों की सहायता के लिए लोन मेला आदि लगाने के सम्बन्ध में आवश्यक तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में एक्सप्रेसवेज के निर्माण की कार्यवाही तेजी से चल रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तीव्र गति से संचालित है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को शीघ्र ही आमजन के उपयोग के लिए खोला जा सकता है। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए लगभग 60 प्रतिशत भूमि की व्यवस्था कर ली गई है। शीघ्र ही इस पर निर्माण कार्य हेतु निविदाएं भी आमंत्रित की जाएंगी।


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