आई.आई.टी. कानपुर में 7 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 वर्चुअल आयोजित

प्रोटोकॉल के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से निर्धारित समय में संचालित किया गया कार्यक्रम


> डॉ. उर्मिला यादव ने सभी आसनों को विधिवत करके दिखाया।
> पूरी दुनिया ने कोरोना काल मे योग की महत्ता को माना : निदेशक, आई.आई.टी. कानपुर  

दैनिक कानपुर उजाला
कानपुर।
 भागदौड़ भरी जिंदगी में मन मस्तिष्क का संतुलन नितांत आवश्यक है और इसके लिए शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य वर्धन सिर्फ योग से ही संभव है। योग मानव मात्र के कल्याण के लिए विश्व को "सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः" का सन्देश देने का सशक्त माध्यम है। गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी आई.आई.टी. कानपुर प्रांगण में मीडिया सेंटर से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2021, का सुबह 6:45 बजे से 8:15 बजे तक ऑनलाइन मनाया गया जिसमें आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया गया। अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस के सुअवसर पर संस्थान के सभी लोगों, प्रोफेसर, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इससे जुड़कर ऑनलाइन अभ्यास किया। इसमें परिसर वासियों और छात्रों को स्कन्ध चालन क्रियाओं से लेकर भुजंगासन, मकरासन, भद्रासन, वक्रासन, त्रिकोण आसन, ताड़ासन, वृक्षासन, पवनमुक्तासन, भ्रामरी, कपालभाति, अनुलोम - विलोम आदि क्रियाओं का योगाभ्यास कराया गया। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने सामूहिक कार्यक्रम के दौरान किये जाने वाले योगासन के बारे में एक कामन प्रोटोकॉल निर्धारित किया है जिसे संस्थान में योजनाबद्ध तरीके से निर्धारित समय में संचालित किया गया। इस सामूहिक योग प्रदर्शन का नेतृत्व नेचुरोपैथी और योग केंद्र आई.आई.टी. कानपुर के योग प्रशिक्षक डॉ. एस. एल. यादव ने प्रोटोकॉल का विधिवत अभ्यास कराया एवं उसके लाभ बताये, डॉ. उर्मिला यादव ने सभी आसनों को विधिवत करके दिखाया। इस ऑनलाइन सामूहिक योग कार्यक्रम में आई.आई.टी. कानपुर के डायरेक्टर प्रो. अभय करंदीकर, श्रीमती अरुणा करंदीकर, उप निदेशक प्रोफसर एस. गणेश, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. सिद्धार्थ पण्डा तथा प्रो. कुमार रवि प्रिया ने प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने सभी को योग को अपनाने का आह्वान करते हुए बताया कि योग प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। पूरी दुनिया ने कोरोना काल मे योग की महत्ता को माना है। अरुणा करंदीकर ने योग के बारे में अपने अनुभव बताते हुए बताया कि वो पिछले 20 वर्षों से योग कर रही हैं। "इसे करने से शरीर ऊर्जावान महसूस करता है। यह मानव के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।" अंत मे डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. सिद्धार्थ पांड्या ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रोग्राम में एस.पी.ई.सी. चेयरमैन प्रो. श्याम नायर, फैकल्टी योग कोऑर्डिनेटर नरेन नाइक, प्रोग्राम कॉर्डिनेटर सुनील कुमार, राम नारायण, हेमन्त तिवारी भी उपस्थित रहे।

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