मुख्यमंत्री ने कमिश्नरी भवनों का कार्य शुरू करवाकर इन्हें शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए

> मुख्यमंत्री के समक्ष जनपद गोरखपुर एवं वाराणसी में प्रस्तावित एकीकृत मण्डलीय कार्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में दोनों मण्डलों के मण्डलायुक्तों द्वारा वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुतीकरण।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 01 जून, 2021 को अपने सरकारी आवास पर जनपद गोरखपुर एवं वाराणसी में प्रस्तावित एकीकृत मण्डलीय कार्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए।

दैनिक कानपुर उजाला
लखनऊ।
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष मंगलवार को उनके सरकारी आवास पर जनपद गोरखपुर एवं वाराणसी में प्रस्तावित एकीकृत मण्डलीय कार्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में दोनों मण्डलों के मण्डलायुक्तों द्वारा वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया। गोरखपुर मण्डल के मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि गोरखपुर एकीकृत मण्डलीय कार्यालय 3.2 एकड़ भूमि पर निर्मित होना प्रस्तावित है। इसका प्रस्तावित कुल निर्मित क्षेत्रफल 33,500 वर्ग मीटर होगा। इसमें बेसमेण्ट के साथ 09 तल होंगे। इसमें कुल 61 कार्यालय मौजूद होंगे। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सभी कार्यालयों के लिए श्रेणीवार केबिन / चेम्बर / बैठने का विस्तृत प्राविधान किया जाएगा। प्रत्येक फ्लोर पर 40 लोगों का मीटिंग हाॅल, 300 की क्षमता वाला 01 ऑडिटोरियम, आधुनिक केन्द्रीय अभिलेखागार, लाइब्रेरी, प्रतीक्षालय, बैंक, सुरक्षा चेक प्वाइंट, कैण्टीन, विभिन्न तलों पर 09 कोर्ट रूम सहित अन्य सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। यह भवन ऊर्जा कुशल भवन होगा। भवन में एल.ई.डी. स्क्रीन, पार्किंग, ओ.डी.ओ.पी. कलाकृतियां, गोरखपुर मण्डल की समग्र छवि, पर्यटन एवं ऐतिहासिक धरोहर का चित्रण भी किया जाएगा। गोरखपुर मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री को मण्डल स्तरीय समिति / नोडल संस्था स्तर से कार्यवाहियों की अद्यतन स्थिति के सम्बन्ध में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्थल का टोटल स्टेशन सर्वे एवं मृदा परीक्षण पूर्ण हो चुका है। साथ ही, टेक्निकल कंसल्टेंट और ट्रांजैक्शन कंस्लटेंट का चयन पूर्ण हो चुका है। अन्य कार्यवाहियां भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। वाराणसी मण्डलायुक्त ने अपने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वाराणसी एकीकृत मण्डलीय कार्यालय 6.44 एकड़ भूमि पर निर्मित होना प्रस्तावित है। इसके तहत भूतल सहित 18 मंजिल के 02 भवन निर्मित किए जाएंगे। इस भवन में विभिन्न कार्यालय, मीटिंग हाॅल, काॅन्फ्रेंस रूम, ऑडिटोरियम इत्यादि मौजूद होंगे। इसमें 01 भवन व्यावसायिक भवन होगा, जिसमें दुकानें, मल्टीप्लेक्स, ऑफिस, होटल, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, पार्किंग इत्यादि की सुविधा मौजूद रहेगी। इस परियोजना की सम्भावित लागत 250 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए वाराणसी मण्डलायुक्त ने कहा कि इस योजना के लिए आर्किटेक्ट और ट्रांजैक्शन एडवाइजर को फाइनल किया जा चुका है। निर्माण कार्य के लिए स्वाॅयल टेस्टिंग की जा चुकी है। भवन के डिजाइन फाइनल होने के उपरान्त अन्य कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण देखने के उपरान्त कहा कि गोरखपुर और वाराणसी मण्डलों में निर्मित किए जा रहे इन भवनों में अधिकतर आम जनता अपने कार्य के सम्बन्ध में आएगी। ऐसे में उनकी सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन भवनों का कार्य शुरू करवाकर इन्हें शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चैहान, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस. पी. गोयल, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, विशेष सचिव आवास माला श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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