आज मनाया जाएगा खुशहाल परिवार दिवस

परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थाई साधनों को अपनाने पर दिया जाएगा जोर


> समय से परिवार नियोजन की सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना हमारा दायित्व : सी.एम.ओ.  
> कम से कम एक महिला को प्रेरित कर अंतरा का लाभ दिलवाएं आशा : सी.एम.ओ.
 
दैनिक कानपुर उजाला
कानपुर। समुदाय में परिवार नियोजन के प्रति जागरुकता तथा स्वीकार्यता बढ़ाने के उददेश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सोमवार (21 जून) को खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया जाएगा। शासन से आदेश आने के बाद सी.एम.ओ. ने इसकी कार्य योजना बनाकर प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (एम.ओ.आई.सी.) को निर्देश जारी कर दिए हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जी. के. मिश्रा ने बताया कि हर माह की 21 तारीख को सभी सी.एच.सी. और पी.एच.सी. पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया जाता है। लेकिन कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते इसको स्थगित कर दिया गया था। ओ.पी.डी. शुरू होने के बाद अब इसके आयोजन की अनुमति दे दी गई है। शासन की ओर से गर्भवती के अलावा उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं तथा 3 से अधिक बच्चों वाली महिलाओं की जांच के लिए खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन शुरू किया था। सी.एम.ओ. डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि "समय से परिवार नियोजन की सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना हमारा दायित्व है।" "इसके चलते ही 21 जून को खुशहाल परिवार दिवस मनाया जाएगा।" "इससे संबंधित पत्र सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजा जा चुका है।" स्वास्थ्य सेवाओं को गति प्रदान करने के लिए 21 जून को जिले के समस्त जिला अस्पताल, 10 ब्लाकों के स्वास्थ्य केंद्र, शहरी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पी.एच.सी.), हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और सब - सेंटरों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान महिलाओं को अंतरा का इंजेक्शन लगवाने के लिए प्रेरित करना, प्रसव के बाद लगने वाला पी.पी.आई.यू.सी.डी., साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली छाया, कंडोम, ई - पिल्स, माला - एन की गोली बांटी जाती है और कापर टी लगवाया जाता है। उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी राजेश यादव ने बताया कि प्रत्येक आशा को जिम्मेदारी दी गई है कि वह कम से कम एक महिला को प्रेरित कर अंतरा का लाभ दिलवाएं। उन्होंने बताया कि आशाएं घर-घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन के संसाधन बांटेंगी। साथ ही कोरोना संक्रमण के चलते लोगों को मुंह में सही तरीके से मास्क लगाने, भीड़ - भाड़ से बचने व हाथों को बार बार सैनीटाइज करने के लिए भी प्रेरित करेंगी। उच्च जोखिम गर्भवस्था, नवविवाहित महिलाएं तथा ऐसी महिलाएं जिनके 3 अथवा 3 से ज्यादा बच्चे हैं, उन्हें संबंधित ब्लॉकों  पर लाकर उनका रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। लाभार्थियों को मौजूद परिवार नियोजन के संसाधनों में से अपनी इच्छा के अनुरूप संसाधनों को अपने लिए लेने की सुविधा मिलेगी। 

Popular posts from this blog

गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना का डीपीआर  तैयार : सीईओ, यूपीडा 

उ प्र सहकारी संग्रह निधि और अमीन तथा अन्य कर्मचारी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2020 प्रख्यापित

जनपद के समस्त विद्यालय कार्य योजना बनाकर जीपीडीपी में अपलोड करते हुए डिमांड भेजें: विजय किरन आनंद